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भारत का ऐतिहासिक स्वरूप है कि भारत की 75% आबादी गांव में बसी है और इन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमारे भारत का सबसे बड़ा उद्योग भी कृषि से जुड़ा है। भारत कृषि प्रधान देश है।

कृषि उद्योग का क्षेत्र इतना वृहद है कि इसमें ना केवल किसानों का योगदान है बल्कि समग्र रूप से कृषि उद्योग से जुड़े अन्य व्यवसाय जैसे कि बीज विक्रेता, खाद विक्रेता, कोल्ड स्टोरेज, मंडी, अनाज के खुदरा व्यवसाय, सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, अनाज के होलसेल व्यापारी, फसलों के मूल्यांकन एवं दलाली करने वाले, ट्रक व्यवसाय, छोटे-छोटे ट्रांसपोर्टस आदि विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े कई व्यवसाय कृषि उद्योग से जुड़े हुए हैं लेकिन महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सबकी मूल कुंजी किसान है।

किसानों द्वारा की जाने वाली पैदावार के ऊपर की यह समस्त व्यवसाय पूर्ण रूप से निर्भर है इस प्रकार भारतवर्ष के निर्माता आजादी के कई वर्षों बाद भी अपनी हैसियत और आर्थिक स्थिति को सुधारने का प्रयास लगातार स्वयं ही कर रहा है।

पिछले कई वर्षों में आपने यह पाया होगा कि भारत के प्रत्येक कोने से किसानों की किन्ही ना किन्ही कारणों से आत्महत्या के प्रकरण वृद्धि हुई है जिनके मूल कारण इस प्रकार हैं।

  • ऋण का भुगतान करने में असमर्थता।
  • प्रकृति के प्रकोप जैसे कि सूखा या बाढ़ की स्थिति में किसानों की फसल का बर्बाद हो जाना।
  • प्रतिकूल सरकारी नीतियां।
  • परिवार की मांगों को पूरा करने में असमर्थता।
  • व्यक्तिगत मुद्दे।

पउपरोक्त सभी कारण मूल रूप से कहीं ना कहीं आर्थिक स्थिति से जुड़ी हुई है।

विपरीत परिस्थितियों में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा केवल कर्ज माफी की घोषणाओं से किसी भी प्रकार का दीर्घकालिक परिणाम नहीं निकल सकते हैं और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए किसी भी प्रकार का दीर्घकालीन हल वर्तमान में उपलब्ध नहीं है।

प्राणधारिन ट्रस्ट द्वारा इस ओर गहन अध्ययन किया जाकर दीर्घकालीन हल निकाला है जो कि राष्ट्रीय स्तर पर पूरे भारतवर्ष में उत्पन्न होने वाली प्रत्येक फसल को किसानों के माध्यम से पंजीकृत कराते हुए फसलों की समान विकेंद्रीकरण प्रणाली को अपना कर बराबर वितरण प्रणाली तकनीक को आज की उपलब्ध टेक्नोलॉजी के माध्यम से इस प्रकार से समेकित किया है कि भारतवर्ष का प्रत्येक किसान अपने जीवनकाल में इस तैयार पोर्टल के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकेगा।

प्राणधारिन ट्रस्ट द्वारा यह प्रयास है कि अब पूरे भारत में किसानों को आर्थिक कारणों की वजह से आत्महत्या नहीं करने देंगे चाहे वो महाराष्ट्र हो, केरल हो, आंध्र प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, नागालैंड हो, चाहे कश्मीर हो, पंजाब राजस्थान गुजरात हो अब हम किसानों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराएंगे कि वह पीछे मुड़कर नहीं देखेगा। बस उसे अब आगे ही चलना है और चलते रहना है।

“किसान सशक्तिकरण का यह अभिनव प्रयास है”। “कृषि उद्योग के क्षेत्र में यह एक डिजिटल क्रांति है”।