उद्देश्य :- ई-किसान

प्राणधारिन ट्रस्ट का यह प्रयास है कि अब पूरे भारत में किसानों को आर्थिक कारणों की वजह से आत्महत्या नहीं करने देंगे चाहे वो महाराष्ट्र हो, केरल हो, आंध्र प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल हो, नागालैंड हो, चाहे कश्मीर हो, पंजाब राजस्थान गुजरात हो। अब हम किसानों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराएंगे कि वह पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे।

बस उसे अब आगे ही चलना है और चलते रहना है। किसान सशक्तिकरण का यह अभिनव प्रयास है । कृषि उद्योग के क्षेत्र में यह एक डिजिटल क्रांति है।

प्राणधारिन ट्रस्ट भारत के प्रत्येक किसानों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। कृषि उद्योग के क्षेत्र में प्राणधारिन ट्रस्ट द्वारा समुद्र तटीय इलाकों में रह रहे मछली पालन कर्ताओं को भी इसी प्रकार के किसानों का दर्जा दिए जाते हुए उन तक भी पहुंचने का पूर्ण प्रयास करेगा।
प्राणधारिन ट्रस्ट हर उस व्यक्ति के पास पहुंचने का प्रयास करेगा जो किसी ना किसी रूप से कृषि उद्योग के स्वरूप से जुड़ा है।

भारतवर्ष के प्रत्येक राज्य में किसान मित्रों के माध्यम से एक वृहद टीम तैयार करके प्रत्येक किसान के पास पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे। उसे दीर्घकालिक समाधान के साथ निस्तारण करने का प्रयास करेंगे। लेकिन उस किसान को हर संभव प्रयास कर आत्महत्या नहीं करने देंगे।

यही हमारा उद्देश्य और लक्ष्य है।

जहां भारत एक कृषि प्रधान देश होते हुए भी देश के विभिन्न इलाकों में किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें यह विचार करने के लिए मजबूर कर देती है कि ऐसी क्या रणनीति, ऐसा क्या कार्य नीति बनाई जाए जिनकी वजह से किसानों के लिए दूरगामी परिणाम प्राप्त हो और वह केवल कर्ज माफी की घोषणा पर अपना जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर ना हो।

प्रत्येक किसान को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया है जहां पर किसान की फसल खराब हो जाने के पश्चात भी, किसानों की फसल अधिक पैदावार होने से लागत मूल्य भी नहीं मिलने की वजह से जूझ रहे आर्थिक असमानता को एक विशेष वितरण प्रणाली के माध्यम से बनाया गया है कि इसका लाभ प्रत्येक किसान को प्राप्त होगा एवं इसके दूरगामी बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।